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सीबीएसई (CBSE) का यह बयान 19 वर्षीय एथिकल हैकर निसर्ग अधिकारी के उस दावे के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने बोर्ड की डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली (Digital Evaluation Ecosystem) में सुरक्षा खामियों का पता लगाया है।
निसर्ग अधिकारी के अनुसार, मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़े कुछ स्वचालन (Automation) स्क्रिप्ट्स में छात्रों की व्यक्तिगत जानकारी का प्रसंस्करण किया जा रहा था। उनका दावा है कि ये स्क्रिप्ट्स COEMPT के गुणवत्ता आश्वासन (Quality Assurance) इंजीनियरों द्वारा तैयार की गई थीं और इनमें Google Gemini का उपयोग किया गया था।
इस दावे के सामने आने के बाद डेटा सुरक्षा और छात्रों की गोपनीयता को लेकर चिंताएं बढ़ गईं। हालांकि, सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि पोर्टल में पाई गई सुरक्षा कमजोरियों को नियंत्रित कर लिया गया है और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा चुके हैं।
.केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्लेटफॉर्म OnMark में सुरक्षा खामियों को लेकर एथिकल हैकरों द्वारा सोशल मीडिया पर सार्वजनिक पोस्ट किए जाने के बाद बोर्ड ने रविवार (31 मई, 2026) को बयान जारी किया।
सीबीएसई ने कहा कि जिन सुरक्षा कमजोरियों की पहचान की गई थी, उन्हें "नियंत्रित कर लिया गया है" और यह सुनिश्चित करने के लिए व्यापक जांच की जा रही है कि सिस्टम में कोई अन्य ऐसी खामी मौजूद न हो जिसका दुरुपयोग किया जा सके।
बोर्ड के अनुसार, तकनीकी विशेषज्ञों की टीम लगातार प्लेटफॉर्म की निगरानी कर रही है और संभावित सुरक्षा जोखिमों को खत्म करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इस घटना के बाद छात्रों और शिक्षकों से जुड़े डेटा की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है।